वर्ल्ड वॉर 1 और  वर्ल्ड वर 2 ने दुनिया को इतना भारी नुकसान पहुंचाया जिसकी भरपाई दुनिया आज भी कर रही है द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद अल्बर्ट आइंस्टाइन ने तो यहां तक कहा था।  

20 Amazing Facts About World War


" मुझे यह नहीं मालूम तीसरा विश्व युद्ध कैसे लड़ा जाएगा लेकिन चौथा विश्वयुद्ध डंडों और पत्थरों से लड़ा जाएगा


आइंस्टाइन के कहने का मतलब यही है कि अगर तीसरा विश्व युद्ध हुआ तो वह इतना विनाशकारी होगा कि वह हमारी दुनिया को फिर से स्टोन एज में पहुंचा देगा  दूसरे विश्व युद्ध में कितनी भयंकर तबाही की होगी उसका अंदाजा आप आइंस्टाइन के इस वाक्य से लगा सकते हैं 

करीब 6 साल तक चली है लड़ाई इतिहास की सबसे भयंकर झड़प साबित हुई इसमें करीब 7 करोड लोगों ने अपनी जान गवाई। 


आज के लेख में द्वितीय विश्व युद्ध से जुड़े 20 फैक्ट जानोगे तो इस लेख को आखिर तक जरूर पढ़ना। 


1. सेकंड वर्ल्ड वॉर तब  प्रारंभ हुआ जब जर्मनी ने पोलैंड पर आक्रमण कर दिया तारीख थी 1 सितंबर 1939 इस तारीख और इस इवेंट को ही सेकंड वर्ल्ड वॉर की शुरुआत माना जाता है। 


2. सेकंड वर्ल्ड वॉर शुरू होने से पहले जर्मनी पर एक आदमी राज्य करता था जिसका नाम था एडोल्फ हिटलर जर्मनी के नाजी पार्टी के साथ मिलकर यह इंसान चाहता था कि जर्मनी पूरे यूरोप पर राज करें अपने इसी ख्वाब को पूरा करने के लिए हिटलर ने पोलैंड पर हमला बोल दिया जब हिटलर रुकने से मना कर दिया, तो इसके जवाब में ब्रिटेन और फ्रांस ने जर्मनी के खिलाफ युद्ध का ऐलान कर दिया और इस तरह से सेकंड वर्ल्ड वॉर की शुरुआत हो गई और यही वह टाइम था दुनिया भर के दूसरे देशों ने भी इस युद्ध में शामिल होना प्रारंभ कर दिया। 


3. इसके बाद दो समूह देश तैयार हो गए एक ग्रुप था मित्रों का और एक ग्रुप था समूह जो इला इस कंट्री थे उनमें ब्रिटेन फ्रांस सोवियत यूनियन अमेरिका और चाइना और Axis powers के अंदर जो देश आते थे जर्मनी इटली और जापान तो दूसरे विश्व युद्ध की यह लड़ाई दो समूहों के बीच में लड़ी गई थी। 


4. द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान यूरोप के कुछ देशों ने न्यूट्रल रहने का डिसीजन लिया था इन देशों ने युद्ध के दौरान किसी भी देश का साथ देना उचित नहीं समझा यह देश था स्पेन स्वीडन स्वीटजरलैंड। 


5. द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान हिटलर ने निर्दोष लोगों को जेल में डाल दिया और उनको मौत के घाट उतार दिया जिन्हें हिटलर भविष्य के लिए उचित नहीं समझता था यह लोग थे  जूरिस,यहूदी धर्म को मानने वाले लोग होमोसेक्सुअल और ऐसे लोग जिनको फिजिकल और मेंटल डिसेबिलिटी थी हिटलर के अनुसार यह लोग परफेक्ट जर्मन के लिए फिट नहीं बैठते थे तो हिटलर का मानना था की परफेक्ट जर्मनी के निर्माण के लिए इन सब से छुटकारा पाना होगा। 


6. हिटलर के इस अभियान के दौरान सबसे ज्यादा जिनको टारगेट किया गया वो थे यहूदी धर्म के लोग हिटलर यहूदियों से नफरत करता था इन्हें जर्मनी के माथे पर कलंक समझता था हिटलर ने जर्मनी के प्रथम विश्व युद्ध में हार के लिए यहूदियों को भी कारण मानता था और उसने यह घोषित किया यह जर्मनी के लिए डेंजरस इसलिए वह इनको समाप्त कर देना चाहता था 


7. हिटलर ने नालियों के साथ मिलकर यहूदियों को खत्म करने का प्लान बनाया अपनी इस शैतानी हरकत को हिटलर ने नाम दिया था फाइनल सॉल्यूशन जिसे आज होलोकॉस्ट कहा जाता है यानी पूर्ण विध्वंस हिटलर के एकमात्र आर्डर पर 6 मिलियन यहूदियों का कत्लेआम कर दिया गया यह 'होलोकॉस्ट' केवल सेकंड वर्ल्ड वार कर ही नहीं बल्कि पूरी इतिहास का सबसे भयावह घटना साबित हुआ होलोकॉस्ट अपने आप में एक बड़ा टॉपिक है इसके बारे में हम किसी और लेख में जानेंगे। 


8. 1920 में एडोल्फ हिटलर ने स्वास्तिक को जब नाजी जर्मनी के सिंबल के रूप में प्रयोग किया तब तक यह इंसान बुराई का प्रतीक बन चुका था 1945 आते आते हैं स्वास्तिक को वर्ल्ड वार उसे जोड़ा जाने लगा फासिज्म होलोकॉस्ट से जोड़ा जाने लगा पश्चिम में आज भी स्वास्तिक को बुराई का प्रतीक माना जाता है लेकिन सच्चाई तो यह है की स्वास्तिक शब्द संस्कृत के स्वास्थी शब्द से निकला है जिसका मतलब ही होता है अच्छाई और मंगल यह  सिर्फ हिंदू बौद्ध और जैन धर्म में ही नहीं बल्कि दुनिया के बहुत से कल्चर में स्वास्तिक  को बेहद पवित्र माना जाता है यह निशान इतिहास से भी पुराना है ग्रीस,इजिप्ट,चाइना और रोम में यह निशान पाया गया है इतिहास बताता है कि प्राचीन लोग इस सिंबल का प्रयोग उन्नति कल्याण और अच्छाई के लिए किया करते थे कितना अफसोस जनक है कि नाजी जर्मनी ने इस पवित्र सिंबल को बुराई का प्रतीक बना दिया। 


9. मई 1940 में जर्मनी ने फ्रांस को अपने कब्जे में ले लिया था 4 साल बाद 1944 में जब  elite soldier पेरिस में जर्मन फोर्सेस को खदेड़ने के लिए आगे बढ़ी और जब यह लगभग तय हो गया पेरिस जर्मन के हाथ से जाने वाला है तब हिटलर ने मिलिट्री जनरल dietrich von choltitz को यह आर्डर दिया था कि पेरिस में जितने भी इंपॉर्टेंट लैंड मार्क है जैसे कि एफिल टावर इन सभी के आसपास बम लगा दिए जाएं हिटलर नहीं है ऑर्डर दिया एलाइट सोल्जर आस पास आते हैं यह सभी बम्स एक्टिव कर दिए जाएं इस तरह पूरा पेरिस शहर मलबे में तब्दील हो जाएगा जनरल को यह बात पसंद नहीं आई और उनको यह एहसास होने लगा कि हिटलर अब हद से आगे बढ़ने लगा है और जनरल ने हिटलर की इस आर्डर को नहीं माना और एलाइज के सामने सिलेंडर कर दिया और अपने इस कारनामे के लिए जनरल को सेवियर ऑफ पेरिस के नाम से जाना जाता है।  


10. जर्मनी के द्वारा फ्रांस को कब्जे में लेने के बाद जब हिटलर ने पेरिस को विजिट किया था तब उस दौरान फ्रेंच रजिस्टर फाइटर्स ने एफिल टावर के एलिवेटर को काट दिया था ताकि हिटलर की सेना उसमें जर्मनी फ्लैग लगाने के लिए टावर के टॉप पर जाना चाहे तो उनको पूरी 1600 sidhi  चढ़कर जाना पड़े। 


11. जर्मनी के फ्रांस पर कब्जे के दौरान जिन फ्रेंच औरतों के जर्मन सेनाओं के साथ संबंध थे उन औरतों को बाद में सजा के तौर पर गंजा कर दिया गया ताकि देश के लोग देखें की इन्होंने अपने देश के साथ गद्दारी की है। 


12. द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान जब जर्मनी के द्वारा ब्रिटेन के शहरों में बम गिराया जा रहे थे तब हिटलर ने यह आर्डर दिया की ब्रिटेन के ब्लैक पूल रिजॉर्ट पर कोई बमबारी ना की जाए हिटलर ने यह सोच रखा था जब जर्मनी सेकंड वर्ल्ड वॉर को जीत लेगी और ब्रिटेन को कब्जे में ले लेगा उसके बाद वे अपनी छुट्टियां मनाने ब्लैकपूल जाया करेगा। 


13. हिटलर का भतीजा विलियम पैट्रिक हिटलर सेकंड वर्ल्ड वॉर में अपनी अंकल के खिलाफ लड़ा था विलियम हिटलर एडोल्फ हिटलर के भाई एलोइस हिटलर का बेटा था यह इंग्लैंड में पैदा हुए थे और बाद में अमेरिका जाकर सेकंड वर्ल्ड वॉर के दौरान यूएस नेवी को ज्वाइन कर लेते हैं लंदन में इन्होंने एक मैगजीन आर्टिकल लिखा था जिसका टाइटल थाWhy do I hate my uncle? अपने अंकल से इनकी ना पसंदगी इतनी ज्यादा थी कि इन्होंने अपना सरनेम हिटलर से बदलकर स्टुअर्ट  हूस्टन कर लिया था। 


14. अमेरिका के फ्यूचर प्रेसिडेंट जॉर्ज एचडब्ल्यू बुश सेकंड वर्ल्ड वॉर के दौरान एक हैवानियत भरी घटना से बाल-बाल बच पाए थे जापान में बमबारी करते समय जापानी सेना के द्वारा एक एयरक्राफ्ट को गिरा दिया जाता है इस घटना में बुश और उनके 8 साथी अपनी जान को बचाने में तो सफल रहते हैं लेकिन उन 8 सैनिकों को जापानी सेना के द्वारा पकड़ लिया जाता है और जॉर्ज बुश को एलाइट सोल्जर्स के द्वारा रेस्क्यू कर लिया जाता है जॉर्ज बुश के पकड़े गए साथियों को जापानी 16 टॉर्चर करते हैं उनको बुरी यातनाएं देते हैं उनको मार दिया जाए और फिर जापानी सोलर उनका मांस खाते हैं जापानी सेना के द्वारा किया गया इस तरह का कार्य द्वितीय विश्व युद्ध की सबसे घिनौने कार्य में से एक थी 


15. जैसे ही इलाइट फोर्सेस नाजी जर्मनी को खदेड़ने के लिए भर लेन में आगे बढ़ रही थी हिटलर ने 30 अप्रैल सन 1945 को एक अंडरग्राउंड बनकर मैं सुसाइड कर लिया इसके ठीक एक हफ्ते बाद 7 मई 1945 को जर्मनी ने सरेंडर कर दिया और इसके साथ ही यूरोप में सेकंड वर्ल्ड वॉर समाप्त हो गया जब सेकंड वर्ल्ड वॉर समाप्त होने की सूचना सार्वजनिक की गई तब ब्रिटेन में हर जगह स्ट्रीट पार्टी हो रही थी। 


16. जर्मनी की सरेंडर करने के बाद 6 साल तक चलने वाला यह महायुद्ध यूरोप में तो खत्म हो गया हालांकि यह युद्ध दूसरे कुछ देशों में अभी भी जारी था जैसे अमेरिका और जापान 6 और 9 अगस्त को अमेरिका ने हिरोशिमा और नागासाकी परमाणु बम गिरा दिया इंदु परमाणु हमलों ने जापान पर ऐसी तबाही मचाई जो इतिहास में कभी पहले नहीं देखी थी और 8 अगस्त को सोवियत यूनियन ने जापान के खिलाफ वार्ड क्लियर कर दिया जापान के पास अब और कोई ऑप्शन नहीं बचा था 6 दिन बाद 15 अगस्त 1945 को जापान ने अमेरिका के सामने सरेंडर कर दिया और यही वह वक्त था जिसके बाद द्वितीय विश्व युद्ध ऑफिशियल रूप से समाप्त हो गया 


17. द्वितीय विश्व युद्ध के परिणाम यह निकले की यूरोप का तो डाउनफॉल हो गया ऐसा सेंटर ऑफ वर्ल्ड पावर और अमेरिका और रसिया सुपर पावर के रूप में उभर कर सामने आए और इसी का नतीजा यह हुआ की अमेरिका और रशिया के बीच कोल्ड वॉर की स्थिति बन गई 


18 ऐतिहासिक रिकॉर्ड यह बताते हैं कि जापान दूसरे परमाणु बम के बाद भी सरेंडर नहीं करता और अमेरिका तीसरा परमाणु हमला करना जरूरी समझता तो हिरोशिमा और नागासाकी के बाद जापान के जिस शहर को टारगेट किया जाना था वह होता जापान की कैपिटल टोक्यो 


19. जापान के एक शख्स सूतनु यामागुची ने दोनों एटॉमिक बम से सरवाइव किया था यह एक इंजीनियर से और नागासाकी के रहने वाले थे 6 अगस्त 1945 को जब हिरोशिमा परमाणु बम गिराया गया उस समय यामागुची हिरोशिमा में ही काम कर रहे थे इस परमाणु हमले में यामागुची को काफी चोटें आई लेकिन उनकी जान बच गई हम लेकर अगले दिन 7 अगस्त को यामागुची अपने घर के लिए रवाना हुई है और इसके 2 दिन बाद और अमेरिका ने नागासाकी पर भी एटॉमिक बम गिरा दिया यामागुची ने इस हमले में भी सरवाइव किया यह अकेले ऐसे इंसान थे जो दोनों परमाणु हमले में अपनी जान बचा पाए यामागुची की मृत्यु 2000 दस में हुई तब वे 93 साल के थे। 


20. जापान के सरेंडर करने के बाद द्वितीय विश्व युद्ध का अंत हो गया इतिहास बताता है की इस युद्ध में एलाइट पावर की जीत हुई और एक्सेस पावर की हार हुई लेकिन यह अब आंकड़े देखिए माना जाता है इस महायुद्ध में करीब 50 से 70 मिलियन के बीच लोग मारे गए थे जिनमें आधे से ज्यादा सिविलियंस थे एलाइट पावर के 17000000 सैनिक मारे गए और एक्सेस पावर के करीब 8000000 सैनिक मारे गए रसिया ने अकेले अपने 21 मिलियन नागरिकों को खोया इन आंकड़ों को देखते हुए किसी की हार या जीत का फैसला करना कितना सही और कितना गलत है। 


युद्ध हमेशा विनाश का मार्ग लेकर आते हैं इसमें किसी की जीत नहीं होती बल्कि हार और हार होती है इंसानियत की अहिंसा की और शांति की 


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