रिपोर्ट के अनुसार साल 2030 तक 800 मिलीयन जॉब्स ऑटोमेटिक हो चुकी होगी। क्या आपकी जॉब भी उनमें से एक होगी ? पहले हमें रोबोट्स के ताकतवर हो जाने और उनके गुलाम बनने से डरते थे। पर अब लगता है कि हमें और व्यवस्थित चीजों की चिंता करनी चाहिए। जॉब्स ना बची रहने की स्थिति में हमारी इकोनामी कैसे जीवित रहेगी ? क्या हम बिना किसी चिंता के आराम से इस विश्व में रह पाएंगे ? या फिर हमारा समाज टूटना शुरू हो जाएगा ?
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| robots ke sath life |
हमने पहले भी जॉब्स को ऑटोमेटिक होते देखा है पर इस बार कुछ अलग होगा । क्योंकि यह सिर्फ कम सैलरी और कम स्किल्स वाली जॉब नहीं होगी बल्कि middle-income , टेक्नीशियन, शेप्स, ऑफिस वर्कर्स, सिक्योरिटी गार्ड ,और इंस्पेक्टर जैसी जॉब सभी मशीनें किया करेंगे। हम कैसे निर्धारित करें कि बेकार ना हो जाएं ?
क्या सपनो को रिकॉर्ड किया जा सकता है ?
एक ऐसे संसार की कल्पना करें यहां सबसे खतरनाक जॉब को करने के लिए हम रिपोर्ट भेजें जहां । ऑटोमेशन ज्यादा रिस्क वाली जॉब में मानवीय मूल की संभावना को खत्म कर दे। और हम अपने सबसे पकाने वाले जॉब्स को मशीन को सौंप दें मशीनीकरण से होने वाली संभावित फायदे देख पाना कठिन नहीं है।
क्या हो सम्पूर्ण पृथ्वी को सौर ऊर्जा से चलाये ?
अगर रोबोट हमारे जॉब्स करने लगे तो क्या हम जिंदगी के सारे अच्छे पलों का मजा नहीं उठा पाएंगे ? यह सुनने में जितना अच्छा लग रहा है असल में उतना अच्छा नहीं है। कुछ ऐसी जॉब्स है जिन्हें रोबोट्स कभी नहीं कर पाएंगे। अगर इससे पहले हम इसमें जाएं थोड़ा गहराई से देखते हैं अगर जॉब से नहीं रहे तो चीजें कैसी होंगी ?
क्या हो अगर अँधेरा पूर्णतः समाप्त हो जाय ?
जरा सोचिए एक सुबह आप जॉब पर जाते हैं और पाते हैं एक रोबोट को आपकी जॉब के सारे रिपीट होने वाले कामों को करने के लिए रख दिया गया है जिससे आप ज्यादा फायदेमंद काम पर ध्यान दे सकें यह पहले तो बहुत अच्छा लग सकता है रोबोट्स के काम करने के कारण आपको आपके प्रोफेशन के लिए अब कम पैसे मिलेंगे आपकी फ्रेंड भी ज्यादा कंपटीशन भी लाएगा क्योंकि ऑटोमेटिक टेक्नोलॉजी होने के कारण ज्यादा लोग आपकी जॉब को कर पाएंगे ।जैसे जैसे बड़े पोजीशंस कि जॉब्स के ऑटोमेशन का खर्च घटेगा एंपलॉयर लोगों को कम काम पर रखना चालू कर देंगे इससे काफी अधिक गंभीर समस्या हो सकती है
- इन मॉडल क्लास पोजीशंस की जॉब्स खत्म होने लग जाएंगे
- सरकार को मिलने वाले टैक्स में काफी कमी आ जाएगी
- बड़ी संस्थान जिनके पास रोबोट खरीदने के लिए पैसे होंगे वे उनका इस्तेमाल करके और पैसे कमाएंगे
- जबकि जिंदगी जॉब्स रोबोट्स होने के कारण चली गई है उन्हें गरीबी में संघर्ष करना पड़ेगा
क्या हो अगर मधु मक्खियाँ पूर्णतः समाप्त हो जाए ?
लेकिन इतना बुरा होने की जरूरत नहीं है जैसे कि हमने पहले भी कहा सारी जॉब्स को ऑटोमेशन में नहीं बदला जा सकता हमारे कई मानवीय गुणों को कोड कर पाना आसान नहीं है। इसलिए जॉब्स जिनमें सामाजिक योग्यता,पालन पोषण, क्रिएटिविटी, पढ़ाना बातचीत करना यह बेचने जैसी गुणों की जरूरत होगी वह शायद हमेशा सुरक्षित रहेगी।
कैसी होगी 50 साल बाद कि दुनिया ?
और जरूरी नहीं कि मशीनों के साथ काम करना हमेशा ही आर्थिक उथल-पुथल का कारण हो रोबोटिक आर्म का इस्तेमाल करने वाली कंपनियों पर टैक्स लगाया जा सकता है। यह सुनिश्चित किया जा सकता है कि मानवीय क्षमताओं का सम्मान हो और हम निरंतर अपनी शिक्षा और प्रशिक्षण संस्थाओं को अपडेट रखें ताकि हुए लोगों को इस नए जमाने की जॉब्स के लिए तैयार करें। यह आसान नहीं होगा लेकिन निश्चित रूप से इस रोबोट और मानवीय रिश्ते से ज्यादा से ज्यादा फायदा उठाना अच्छा रहेगा।
हमें बस यह ध्यान रखना होगा कि हम उन्हें नाराज ना करें नहीं तो मामला बहुत अधिक गंभीर हो सकता है। और हमारी आप से गुजारिश होगी यह मामला कितना अधिक गंभीर हो सकता है जानने के लिए आप भारत में बनी रजनीकांत की फिल्म रोबोट को जरूर देखें।

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